Offline कोचिंग की सच्चाई
हर साल हजारों माता-पिता अपने बच्चों को बड़ी-बड़ी डिफेंस अकादमियों में भेजते हैं, यह सोचकर कि बड़ी संस्था मतलब बेहतर परिणाम।
लेकिन RIMC और Sainik School का एग्जाम भीड़ का खेल नहीं है।
यह अनुशासन और व्यक्तिगत सुधार का खेल है।
200–500 छात्रों की क्लास में:
• आपके बच्चे की कॉपी कौन चेक करता है?
• स्टेप मार्किंग की गलती कौन सुधारता है?
• रोज़ की प्रोग्रेस कौन ट्रैक करता है?
अधिकतर मामलों में — कोई नहीं।
Class 9 की तैयारी क्यों कठिन है
Class 6 में MCQ ज्यादा होते हैं।
लेकिन Class 9 में:
• कठिन गणित
• Subjective English
• इंटरव्यू
• मेडिकल स्टैंडर्ड
यहां सिर्फ पढ़ाई नहीं, मेंटरशिप चाहिए।
चयन (Selection) के 3 असली स्तंभ
1. Small Batch Training
15–20 छात्रों की क्लास में:
• लाइव डाउट क्लियरिंग
• कैमरा ऑन अनुशासन
• रोज़ कॉपी चेकिंग
2. Subjective पेपर की पकड़
ज्यादातर बच्चे फेल होते हैं:
• गलत प्रेजेंटेशन
• स्टेप मिस करने से
• English स्ट्रक्चर कमजोर होने से
3. घर पर फौजी अनुशासन
अनुशासन चयन के बाद नहीं,
चयन से पहले शुरू होता है।
120 मिनट की फोकस्ड Zoom क्लास, 6 घंटे की बिखरी पढ़ाई से बेहतर है।
2026 के माता-पिता के लिए सलाह
कोचिंग जॉइन करने से पहले पूछें:
- बैच साइज कितना है?
- क्या रोज़ Subjective कॉपी चेक होती है?
- क्लास लाइव है या रिकॉर्डेड?
- PTM होती है?
- क्या आप RIMC/Class 9 स्पेशलिस्ट हैं?
अगर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता — सोचिए।
चयन बिल्डिंग से नहीं,
स्ट्रक्चर से होता है।
Recent Comments